आज असम के गुवाहाटी में शाम करीब 7:23 पर चंद्रमा दिखेगा, जबकि गुजरात के द्वारका में रात तकरीबन 9:09 पर चंद्र दर्शन होंगे। रात 9 बजे तक देशभर में चंद्रमा दिख जाएगा। पति दूसरे शहर या विदेश में हों, तब भी महिलाएं अपने शहर के चंद्रोदय के अनुसार व्रत खोल सकती हैं।
सरगी और छलनी में पति को देखने की रस्म किसी पुराण में नहीं लिखी है। बिना इसके भी व्रत पूरा माना जाता है। बादलों के कारण चांद न दिखाई दे, पूजा का मुहूर्त निकल जाए या पीरियड की स्थिति में व्रत और पूजा से जुड़े अलग नियम हैं। जानिए पूरी पूजा-विधि, शास्त्रीय नियम, मूल कथा और महिलाओं के 5 जरूरी सवालों के जवाब।
द्रौपदी ने श्रीकृष्ण से पूछा था पति का संकट दूर करने का उपाय
अर्जुन तपस्या करने इंद्रकील पर्वत गए थे। उनके लंबे समय तक नहीं लौटने से द्रौपदी चिंतित हो गईं। उन्होंने श्रीकृष्ण से पति की कुशलता और संकट दूर करने का उपाय पूछा। श्रीकृष्ण ने द्रोपदी को बताया कि एक बार देवी पार्वती ने भी शिवजी से ऐसा ही प्रश्न किया था। तब शिवजी ने उन्हें करक चतुर्थी का व्रत और उससे जुड़ी वीरवती की कथा सुनाई थी। यही कथा श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को सुनाकर करक चतुर्थी का व्रत करने की सलाह दी। कथा के आखिरी में बताया गया है कि द्रौपदी ने यह व्रत किया और इसके फल से पांडवों को अपना राज्य वापस मिला।




