राजनांदगांव। डोंगरगढ़ पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली शराब तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। जांच में नकली शराब की पैकेजिंग से लेकर फर्जी लेबल और होलोग्राम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सामने आई है।
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असली ब्रांड की आड़ में नकली शराब का कारोबार
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी शराब की बोतलों की पुनर्बोतली कर उन्हें ब्रांडेड शराब का रूप देते थे। इसके बाद फर्जी लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग के जरिए इन्हें असली उत्पाद की तरह बाजार में खपाने की तैयारी की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के लिए नकली लेबल और होलोग्राम एक प्रिंटिंग दुकान में तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कंप्यूटर, लेजर प्रिंटर और मोबाइल फोन समेत बड़ी संख्या में पैकेजिंग सामग्री जब्त की है।
हजारों फर्जी लेबल और होलोग्राम जब्त
पुलिस के अनुसार जांच में करीब 3 हजार नकली लेबल और 3 हजार फर्जी होलोग्राम तैयार कराए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं एक अन्य आरोपी के कब्जे से 2100 प्लास्टिक बोतलें बरामद की गई हैं।
इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस ने 497 पव्वे नकली शराब के साथ पैकेजिंग से जुड़ी अन्य सामग्री भी जब्त की थी। अब तक की कार्रवाई में 2.42 लाख रुपये से अधिक कीमत की सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी है।
डिजिटल पेमेंट से जुड़े मिले सुराग
पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के बीच डिजिटल भुगतान के जरिए लेन-देन और संपर्क के साक्ष्य भी मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि नकली शराब का यह कारोबार एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत संचालित किया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही नकली शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, इसकी सप्लाई और बाजार में खपाई गई शराब की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके तार डोंगरगढ़ के अलावा किन-किन इलाकों तक जुड़े हुए हैं।




