रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश संगठन में जल्द ही नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में घायल होने के बाद संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता फिलहाल सीमित है। ऐसे में पार्टी जल्द ही किसी वरिष्ठ नेता को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकती है।
यह भी पढ़े :- जन्माष्टमी पर बनेगा दुर्लभ ग्रह संयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे धन-समृद्धि के रास्ते
कार्यकारी अध्यक्ष के संभावित नामों में केंद्रीय मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तोखन साहू को दिल्ली बुलाया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
तोखन साहू के अलावा पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, कुरुद विधायक अजय चंद्राकर, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नामों की भी चर्चा है। अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
CM साय के साथ लगातार बैठकों में नजर आ रहे तोखन साहू
तोखन साहू पिछले करीब एक सप्ताह से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ संगठन और सरकार से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों में लगातार नजर आ रहे हैं। उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को प्रदेश संगठन में संभावित नई जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
OBC समीकरण भी माना जा रहा अहम
तोखन साहू वर्तमान में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं और बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके नाम की चर्चा में OBC समीकरण को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साहू समाज का छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रभाव है। ऐसे में भाजपा संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साध सकती है।
बिलासपुर संभाग पर बढ़ सकता है फोकस
भाजपा बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में मजबूत मानी जाती है, जबकि बिलासपुर संभाग में संगठन को और मजबूत करने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में बिलासपुर सांसद तोखन साहू को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी मिलने से पार्टी को इस क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
सात मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति
इसी बीच छत्तीसगढ़ भाजपा ने प्रदेश के सात मोर्चों के नए प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति के बाद जारी सूची में युवा, महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
सूची के मुताबिक युवा मोर्चे का प्रभारी वैभव बैस, महिला मोर्चे का प्रभारी सुभाष तिवारी और किसान मोर्चे का प्रभारी पूनम चंद्राकर को बनाया गया है।
वहीं पिछड़ा वर्ग मोर्चे की जिम्मेदारी लखनलाल साहू, अनुसूचित जनजाति मोर्चे का प्रभारी शिरिष अग्रवाल, अनुसूचित जाति मोर्चे का प्रभारी डॉ. गुलाब टिकरिहा और अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभारी मनोज जैन को नियुक्त किया गया है।
फिलहाल कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भाजपा के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि, तोखन साहू का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले और पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।




