रायपुर। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। आपदा में अब तक 469 लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक हजार से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस बीच रायपुर की एक महिला के नेपाल में लापता होने की सूचना सामने आई है।
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रायपुर की मोनिका यादव लापता
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार रायपुर के महादेव घाट, डीडी नगर थाना क्षेत्र निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त 2026 से नेपाल में थीं। बाढ़ के बाद से उनका परिजनों से संपर्क टूट गया है। उनके लापता होने की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने उनकी तलाश के लिए संबंधित अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल गए छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटा रही है और प्रभावित लोगों व उनके परिजनों की मदद के लिए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
छत्तीसगढ़ सरकार ने नेपाल में मौजूद प्रदेश के नागरिकों और उनके परिजनों से किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर प्रशासन से साझा करने की अपील की है।
हेल्पलाइन नंबर:
- टोल फ्री: 1070
- कंट्रोल रूम: 0771-2223471
सरकार ने कहा है कि नेपाल में प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
288 भारतीय लापता, 21 को सुरक्षित बचाया गया
विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में आई आपदा के बाद 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। बचाए गए सभी 21 भारतीय तमिलनाडु के बताए गए हैं।
इसके अलावा तिब्बत में करीब 200 भारतीय नागरिकों ने सहायता मांगी है। भारत ने कहा है कि वह अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए नेपाल को लगातार सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर
‘काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री रसुवागढ़ी इलाके में संपर्क से बाहर हो गए हैं। ट्रैवल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बाशु कुमार अधिकारी के अनुसार बुधवार को 93 नेपाली नागरिकों सहित करीब 390 तीर्थयात्रियों को सीमा पार करनी थी, लेकिन दोपहर तक अधिकांश तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं हो सका।
नेपाल ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि तीर्थयात्रियों से संपर्क करने और उनकी स्थिति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तरी नेपाल में सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।
बाढ़ के कारण कई पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। तेज बहाव में वाहन बहने की भी खबरें सामने आई हैं। रसुवा जिला तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर स्थित है।
कई जिलों में अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा समेत नदी किनारे रहने वाले लोगों को अगले आदेश तक सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक आई बाढ़ के बाद इन क्षेत्रों में कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
त्रिशूली नदी बेसिन में भी बाढ़ का असर देखा गया है, जिससे नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा और आसपास के इलाके प्रभावित हुए हैं।
चीन ने भी शुरू किए राहत और बचाव के प्रयास
शिन्हुआ न्यूज के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजांग क्षेत्र में ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर नेपाल में भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित लोगों की तलाश एवं बचाव के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।




