रायपुर। चर्चित महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग एवं गेमिंग सिंडिकेट के खिलाफ डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने करीब चार साल की जांच के बाद ₹1.45 लाख करोड़ से अधिक के कथित करयोग्य कारोबार पर ₹40,603.02 करोड़ से अधिक GST की मांग प्रस्तावित करते हुए दो बड़े शो कॉज नोटिस जारी किए हैं।
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DGGI रायपुर जोनल यूनिट की संयुक्त निदेशक शिवी सांगवान ने 26 अगस्त 2026 को ये नोटिस जारी किए। जांच में महादेव बुक के कथित संस्थापक और मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, उनके प्रमुख सहयोगी रवि उप्पल समेत नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
2 हजार पैनलों का बड़ा नेटवर्क
DGGI की जांच के अनुसार, महादेव बुक केवल एक वेबसाइट या मोबाइल ऐप नहीं, बल्कि ऑनलाइन बेटिंग और मनी गेमिंग का बड़ा नेटवर्क था। इसके माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस समेत विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन सट्टा और अन्य गेमिंग गतिविधियां संचालित किए जाने का आरोप है।
जांच में gold365.com, laser247.com, play247.win, 11xplay.com, betbook247.com, silverexch.com, cricketbet9 और Skyexchange समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया गया है।
जांच के दौरान सामने आए बयानों के मुताबिक, नेटवर्क में करीब 2,000 पैनल सक्रिय थे। एक पैनल में प्रतिदिन औसतन ₹5 लाख से ₹10 लाख तक जमा होने की जानकारी सामने आई है। सभी पैनलों को मिलाकर प्रतिदिन करीब ₹99 करोड़ की रकम जमा होने का अनुमान जांच में लगाया गया है।
व्हाट्सऐप से जुड़ते थे खिलाड़ी, बैंक खातों में जमा होती थी रकम
जांच के मुताबिक, खिलाड़ी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए गए व्हाट्सऐप नंबरों के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पैनल ऑपरेटरों से जोड़ा जाता था। बैंक खातों में रकम जमा होने के बाद खिलाड़ियों को बेटिंग क्रेडिट या प्वाइंट दिए जाते थे।
DGGI ने जांच में थर्ड पार्टी, बेनामी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए हैं। चार वर्षों की जांच अवधि में बैंकिंग लेन-देन, पैनल नेटवर्क, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर कथित करयोग्य आपूर्ति का मूल्य ₹14,50,10,77,48,260, यानी करीब ₹1.45 लाख करोड़ आंका गया है।
दो अवधियों के लिए ₹40,603 करोड़ से अधिक की मांग
विभाग ने मामले में कुल ₹40,603.02 करोड़ से अधिक GST की मांग प्रस्तावित की है।
1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2023: ₹35,517.22 करोड़
1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024: ₹5,085.80 करोड़
DGGI का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग गतिविधियां संचालित करने के बावजूद संबंधित नेटवर्क ने GST पंजीयन नहीं लिया, रिटर्न दाखिल नहीं किए और कर का भुगतान नहीं किया।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की भूमिका की जांच
जांच में सौरभ चंद्राकर को महादेव बुक का कथित संस्थापक, मालिक और मुख्य प्रमोटर बताया गया है। वहीं रवि उप्पल को प्रमुख सहयोगी, मुख्य संचालक और सह-प्रमोटर के रूप में कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
पैनल ऑपरेटरों के बयानों में यह भी आरोप सामने आया है कि पैनलों से होने वाले मुनाफे का बड़ा हिस्सा ऊपर तक पहुंचाया जाता था। कुछ बयानों में हेड ऑफिस का हिस्सा कुल लाभ का करीब 70 से 80 प्रतिशत तक बताया गया है।
97 नोटिसियों पर कार्रवाई
दोनों अलग-अलग अवधियों के लिए जारी शो कॉज नोटिस में क्रमशः 66 और 31 लोगों को नोटिसी बनाया गया है। इनमें कथित प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, प्रमुख सहयोगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। कुछ नाम दोनों नोटिसों में भी शामिल हैं।
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में पहली बड़ी कार्रवाई
करीब ₹1.45 लाख करोड़ का कथित करयोग्य कारोबार, लगभग 2 हजार पैनलों का नेटवर्क और ₹40 हजार करोड़ से अधिक की प्रस्तावित GST मांग ने महादेव बुक मामले को ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े देश के सबसे बड़े GST मामलों में शामिल कर दिया है।
DGGI रायपुर जोनल यूनिट की ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। विभाग का कहना है कि कर चोरी के मामलों में कार्रवाई अब केवल फर्जी बिलिंग और फर्जी ITC तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से होने वाली कथित कर चोरी की भी गहन जांच की जाएगी।




