Raksha Bandhan 2026 : भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज देशभर में मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। राखी बांधने से पहले पूजा की थाली सजाने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, थाली में पूजा से जुड़ी जरूरी सामग्री रखना शुभ माना जाता है।
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रक्षाबंधन की थाली में राखी, रोली, अक्षत (साबुत चावल), चंदन, दीपक और मिठाई प्रमुख रूप से रखे जाते हैं। इन सभी चीजों का धार्मिक दृष्टि से अलग-अलग महत्व माना गया है।
रोली, चंदन और अक्षत का महत्व
राखी बांधने से पहले बहन भाई के माथे पर तिलक करती है। इसके लिए रोली और चंदन का इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में तिलक को शुभता और मंगल का प्रतीक माना गया है। इसके बाद भाई के माथे पर अक्षत लगाया जाता है।
अक्षत यानी साबुत चावल को अखंडता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पूजा में अक्षत का प्रयोग शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। हालांकि, इन मान्यताओं का आधार धार्मिक परंपराएं हैं और इनके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। (
Raksha Bandhan 2026)




