बलरामपुर। ग्राम जमुआटांड़ में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम अभीस चेरवा की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक, बच्चे को बुखार था और उसे सरनाडीह निवासी भूलेश्वर सिंह के पास इलाज के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली प्रभारी भापेंद्र साहू के अनुसार, बच्चे को बुखार की शिकायत थी। परिजन उसे सरनाडीह में इलाज के लिए ले गए थे, जहां इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। उनका दावा है कि तीन महीने के भीतर कोतवाली थाना क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के बाद यह चौथी मौत है। हालांकि, इन मौतों के बीच चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही होगी।
मासूम की मौत के बाद इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था और बिना पर्याप्त वैधानिक अनुमति इलाज करने वालों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




