मुंगेली/लोरमी। जिले के लोरमी क्षेत्र की ग्राम पंचायत डिंडौरी में सरपंच के खिलाफ पंचों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। ग्राम पंचायत की सरपंच ललीता मार्को के विरुद्ध पंचों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी को लिखित सूचना दी है। पंचों ने सरपंच और उनके पति पर पंचायत के कामकाज में अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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पंचों द्वारा एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच होने के बावजूद ललीता मार्को के स्थान पर उनके पति पंचायत के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पंचों का दावा है कि पंचायत से संबंधित कई दस्तावेजों में भी सरपंच के बजाय उनके पति के हस्ताक्षर किए जाते हैं। इसे लेकर पंचों ने आपत्ति जताते हुए पंचायत संचालन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप
पंचों ने आरोप लगाया कि पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि का आहरण किया गया, लेकिन कई कार्य या तो अधूरे हैं या फिर मौके पर अपेक्षित काम दिखाई नहीं देता। पंचों के मुताबिक, जब उन्होंने पंचायत के आय-व्यय और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
ज्ञापन में पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत के कामकाज में सवाल उठाने या जानकारी मांगने पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। विरोध करने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन घटनाओं के चलते पंचों में लंबे समय से असंतोष था, जो अब अविश्वास प्रस्ताव की मांग के रूप में सामने आया है।
सरपंच पति के हस्तक्षेप का मुद्दा
पंचों की सबसे बड़ी आपत्ति पंचायत के दैनिक कामकाज में सरपंच पति के कथित हस्तक्षेप को लेकर है। पंचों का कहना है कि पंचायत में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए और सरकारी कामकाज निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच पति के हस्तक्षेप के कारण पंचों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय प्रभावित हो रहा है।
पंचों ने एसडीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पंचायत के वित्तीय लेनदेन तथा विकास कार्यों की जांच कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि पंचायत के रिकॉर्ड और कार्यों की जांच कराई जाए तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
अविश्वास प्रस्ताव की लिखित सूचना एसडीएम कार्यालय में सौंपे जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर तय होगी। संबंधित नियमों के तहत प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई और बैठक की तारीख निर्धारित होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पंचायत में सरपंच के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव किस दिशा में जाता है।
फिलहाल ग्राम पंचायत डिंडौरी का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पंचों ने सरपंच के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब निगाहें एसडीएम लोरमी की आगामी कार्रवाई और प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं।




