रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर बुधवार को पारंपरिक उत्साह एवं रीती-रिवाजों के साथ ‘हरेली तिहार’ मनाया गया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार कृषि औजारों व पशुधन की विधिवत पूजा-अर्चना की।
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कार्यक्रम के पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स को लेकर कहा कि “जिस 56 इंच की छवि को गढ़ने में सालों लगे, उसे बच्चों ने एक मिनट में धो दिया।”
छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति की उपेक्षा का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने हरेली को प्रदेश का पहला और प्रकृति से जुड़ा सबसे प्रमुख त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान राज्य की प्राचीन संस्कृति, तीज-त्योहारों और छत्तीसगढ़ी अस्मिता को राष्ट्रीय स्तर पर मान-सम्मान दिलाया गया था।
वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए बघेल ने कहा, “जिस सम्मान और ऊंचाई तक छत्तीसगढ़ी परंपराओं को पहुंचाया गया था, उसे अब दबाया जा रहा है। सरकारी आयोजनों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर न लगाना और विश्व आदिवासी दिवस पर शासन स्तर से बधाई तक न जारी करना इसी बदली हुई मानसिकता का प्रमाण है।”
गृहमंत्री अमित शाह पर पलटवार
संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयानों का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा, “गृहमंत्री को सदन में आने से किसने रोका है? युवाओं और बच्चों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और कार्रवाई किसके आदेश पर की गई? राहुल गांधी संसद में यही सवाल उठा रहे हैं। यदि यह सब गृह मंत्रालय के निर्देश पर हुआ है, तो गृहमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।”




