रायपुर। झीरम घाटी मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही झीरम मामले का फैसला सुना दें।
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अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को झीरम घाटी मामले की सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले को लगातार राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही है।
विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
भाजपा सरकार और संगठन की ओर से विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाने और बधाई नहीं देने को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस है और कांग्रेस को पहले संबंधित प्रस्ताव को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को कांग्रेस से आदिवासी दिवस मनाने का मार्गदर्शन लेने की जरूरत नहीं है।
चंद्राकर ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसने अपने शासनकाल में आदिवासी समाज के लिए आखिर क्या किया।
महिलाओं की राजनीति पर भी सियासी वार
कांग्रेस द्वारा भाजपा नेताओं पर महिलाओं की राजनीति में ज्यादा दखल देने के आरोप पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति भी महिला और उनके पुत्र के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पार्टी की आंतरिक राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि कांग्रेस को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए।
‘पार्षद पति’ व्यवस्था पर सरकार के फैसले का समर्थन
छत्तीसगढ़ में ‘पार्षद पति’ व्यवस्था खत्म करने को लेकर सरकार द्वारा राजपत्र जारी किए जाने के फैसले का अजय चंद्राकर ने स्वागत किया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए नगरीय निकायों में 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। ऐसे में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को स्वयं निर्णय लेने और जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलना चाहिए।



