Rewa MP Statement on Ethanol Petrol : देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम अब मर्यादा की सीमाएं लांघने लगा है। केंद्र सरकार की नीति का बचाव करने उतरे मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने विपक्षी दलों पर बेहद विवादित और तीखा हमला बोला है। एक सार्वजनिक मंच से सांसद ने सीधे सवाल जड़ दिया— “क्या शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?”
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सांसद के इस बयान के बाद सियासी पारे में उबाल आ गया है। कांग्रेस ने भी बिना देर किए पलटवार किया और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए करारा जवाब दिया।
“18,000 KM घूमकर आ रहा तेल, शुद्ध पेट्रोल कहां से लाएं?”
रविवार को रीवा से नई उड़ानों के उद्घाटन समारोह में पहुंचे भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने इथेनॉल विरोधियों को सीधे निशाने पर लिया। अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक संकट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और जहाजों को 18 हजार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर तेल लाना पड़ रहा है।
तैश में आते हुए सांसद बोले, “देश में एक सुनियोजित एजेंडा चलाया जा रहा है कि इथेनॉल बेकार है और गाड़ियां सिर्फ शुद्ध पेट्रोल से चलेंगी। जब देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं, तो क्या वह आपके बाप के घर से आएगा? अगर इथेनॉल नहीं बनेगा तो गाड़ियां खड़ी हो जाएंगी।” उन्होंने दावा किया कि ब्राजील जैसे देशों में 100% इथेनॉल पर गाड़ियां दौड़ रही हैं और भारत को भी इसी दिशा में बढ़ना होगा।
कांग्रेस का तीखा हमला: “35 रुपये का वादा करने वाले ‘बाप’ से मांगें पेट्रोल”
सांसद मिश्रा की इस जुबान पर कांग्रेस ने भी जोरदार हमला बोला। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने सांसद के ‘बाप’ वाले बयान को उसी की भाषा में जवाब दिया।
तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, “न तो हमने और न ही हमारे बाप ने कभी जनता से वादा किया था कि सत्ता में आए तो 35 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल देंगे। यह जुमला और वादा जिन नेताओं के ‘बाप’ (आकाओं) ने किया था, शुद्ध पेट्रोल मांगना है तो उनसे मांगिए। यह सरकार इथेनॉल के नाम पर देश और आम मध्यम वर्ग की जेब पर सरेआम डाका डाल रही है।”
‘लूट’ बनाम ‘लॉजिक’: क्या है असल विवाद?
कांग्रेस का आरोप: सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग के जरिए आम जनता से शुद्ध ईंधन का विकल्प छीन रही है। इस नीति का सीधा फायदा आम वाहन चालकों को मिलने के बजाय सिर्फ इथेनॉल बनाने वाली चुनिंदा कंपनियों और उद्योगपतियों की जेब में जा रहा है।
सरकार का दावा: केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान, जंग या खराबी नहीं होती। उल्टा, इसमें ऑक्टेन नंबर ज्यादा होने से इंजन की परफॉर्मेंस सुधरती है और जहरीला प्रदूषण कम होता है।



