नई दिल्ली, 18 जुलाई। Sonam Wangchuk Hunger Strike : जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वांगचुक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके साथ भी मारपीट हुई। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लगातार गिर रही थी तबीयत
सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 21 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो गया और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी।
हाईकोर्ट ने दिए थे मेडिकल जांच के निर्देश
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का रोजाना मेडिकल चेकअप कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उनका समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।
तीन छात्र भी अनशन पर
वांगचुक के साथ आईसा (AISA) से जुड़े नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। जानकारी के मुताबिक, नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार खराब बताई जा रही है।



