रायपुर, 16 जुलाई। CG Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को सेवाग्राम परियोजना सिर्फ खर्च के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक हुई। बाद में अजय चंद्राकर ने अपनी टिप्पणी पर खेद भी व्यक्त किया।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सेवाग्राम परियोजना की स्थापना का निर्णय 10 मार्च 2022 को लिया गया था। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर ग्राम की अवधारणा को बढ़ावा देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कारीगरों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक परियोजना के लिए 129 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया। इनमें 3.72 करोड़ रुपये मल्टीपरपज डाइनिंग हॉल, सामुदायिक किचन और प्रसाधन कक्ष के निर्माण पर तथा 104.05 करोड़ रुपये अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन संचालन के लिए अभी अलग से कोई सेटअप स्वीकृत नहीं हुआ है।
इसके बाद अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि ‘एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता के कारण करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए’ और इसे लोकधन के दुरुपयोग का मामला बताया।
इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल आपत्ति जताई, जिसके बाद सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बाद में अजय चंद्राकर ने सदन में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से भूपेश बघेल की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।



