अंबिकापुर, 16 जुलाई। Wasseypur Gangster : झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके सहयोगी को फरार होने में मदद करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। झारखंड पुलिस ने अंबिकापुर पहुंचकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर राजहंस बस संचालक बैदुल खान समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, करीब 15 दिन पहले शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने पहुंची टीम के सामने उसके बेटे और कुछ सहयोगियों ने हंगामा किया। इसी दौरान मौका पाकर शब्बीर आलम और उसका साथी जावेद फरार हो गए।
17 CCTV कैमरों का फुटेज हटाने का आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि जिस इलाके से गैंगस्टर फरार हुआ, वहां लगे 17 CCTV कैमरों का फुटेज हटवा दिया गया, जिससे जांच प्रभावित हुई। पुलिस इस डिजिटल सबूत से छेड़छाड़ के पहलू की भी जांच कर रही है।
13 साल तक पहचान बदलकर रहा दूसरा गैंगस्टर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि धनबाद के चर्चित AK-47 हमले और अन्य गंभीर मामलों में वांछित गैंगस्टर शाकिब अफजल पिछले 13 वर्षों से अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था। बताया जा रहा है कि उसने लालमाटी इलाके में मकान बनाया और होटल व जमीन के कारोबार से जुड़ा रहा।
करोड़ों के कारोबार की भी जांच
आरोप है कि गैंगस्टरों को शरण देने वाले लोगों ने उनके प्रभाव का इस्तेमाल कर बस, एंबुलेंस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा किया। पुलिस इन आर्थिक गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
झारखंड पुलिस की तलाश जारी
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि शब्बीर आलम और अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। सूचना मिलने पर अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीम भेजी जा रही है। वहीं, सरगुजा के एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



