रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने वर्ष 2023 से जून 2026 तक शासकीय आयोजनों में टेंट, कुर्सी, लाइट और साउंड सिस्टम पर हुए खर्च का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस अवधि में किन-किन फर्मों और एजेंसियों को कितना भुगतान किया गया।
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अटल श्रीवास्तव ने आशंका जताई कि कुछ मामलों में एक ही कार्यक्रम के लिए दो-दो बिल प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकारी राशि के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जवाब में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सभी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन (वेरिफिकेशन) के बाद ही किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बिलों का पूरा परीक्षण करने के बाद ही संबंधित एजेंसियों को भुगतान जारी किया जाता है।
हालांकि विधायक अटल श्रीवास्तव ने मामले की जांच की मांग दोहराई। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सदन में जांच कराने की मांग स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।



