रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में जल जीवन मिशन और अमृत मिशन को लेकर सरकार को विपक्ष नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, भैयालाल राजवाड़े, सुनील सोनी और राजेश मूणत ने प्रदेश में पेयजल व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार से जवाब मांगा।
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अजय चंद्राकर ने रायपुर में अमृत मिशन के तहत जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी 1.21 लाख घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने पूछा कि अमृत मिशन पूरे शहर के लिए था या केवल चुनिंदा वार्डों के लिए, और 25 योजनाओं में से केवल 20 क्षेत्रों में ही आंशिक जलापूर्ति क्यों हो रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए बताया कि रायपुर में अमृत मिशन का काम वर्ष 2016 से शुरू हुआ था। उपलब्ध बजट के अनुसार पांच पैकेज स्वीकृत किए गए, जिनके तहत 20 क्षेत्रों में आंशिक जलापूर्ति शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 304 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं और 15वें वित्त आयोग से 45.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली है। मंत्री ने बताया कि फिलहाल 2.21 लाख घरों तक पानी पहुंच रहा है और शेष घरों तक जलापूर्ति के लिए कार्य जारी है।
हालांकि अजय चंद्राकर मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने परियोजना की मूल लागत, शामिल वार्डों और जलापूर्ति से वंचित घरों को लेकर कई सवाल उठाए।
वहीं भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े ने कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में अब तक पेयजल नहीं पहुंचा है। सुनील सोनी और राजेश मूणत ने भी रायपुर में हर साल होने वाले जल संकट और टैंकरों पर निर्भरता का मुद्दा उठाया।
मंत्री अरुण साव ने सदन को भरोसा दिलाया कि जहां भी कमियां सामने आएंगी, उनकी जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे और अमृत मिशन तथा जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कर सभी घरों तक पेयजल पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।



