बलरामपुर। कोरबा से पटना जा रही एक यात्री बस में मंगलवार रात ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने मुश्किल परिस्थितियों में भी मानवता की मिसाल पेश कर दी। सफर के दौरान गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। तेज बारिश और रात के अंधेरे के बीच बस चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका, जिसके बाद बस में मौजूद महिला यात्रियों ने मिलकर प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
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जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला अपने पति के साथ कोरबा से पटना जा रही थी। रात करीब 11 बजे अंबिकापुर पार करने के बाद उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति गंभीर होती देख बस चालक ने तुरंत बस रोक दी। अस्पताल पहुंचने में समय लगने की आशंका को देखते हुए बस में मौजूद महिला यात्रियों ने जिम्मेदारी संभाली।
यात्री सुनती देवी सहित अन्य महिलाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रसूता की सहायता की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान बस में सवार अन्य यात्रियों ने भी सहयोग करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं।
प्रसव के बाद बस सीधे बलरामपुर पहुंची, जहां करीब आधे घंटे के भीतर महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने दोनों की जांच कर उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि प्रसूता कोरबा की निवासी है और यह उसका पहला बच्चा है। बस में उस समय लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे। अचानक हुई इस घटना ने सभी यात्रियों को भावुक कर दिया। सुरक्षित प्रसव होने के बाद बस में खुशी का माहौल बन गया और यात्रियों ने नवजात के जन्म पर परिवार को शुभकामनाएं दीं।
इतना ही नहीं, कई यात्रियों ने नवजात और उसके परिवार की मदद के लिए स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग भी किया। इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संवेदनशीलता, एकजुटता और मानवीय सहयोग किसी भी संकट को आसान बना सकता है।



