बिलासपुर। जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवागांव मोहदा से सामाजिक बहिष्कार का एक मामला सामने आया है। गांव के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि नवधा रामायण आयोजन के लिए चंदा नहीं देने पर ग्रामीणों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित का दावा है कि उनसे बातचीत, हुक्का-पानी, खेती-किसानी और मजदूरी तक बंद करा दी गई है। मामले में उन्होंने कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायतकर्ता संतोष कुमार साहू (57) ने बताया कि वर्ष 2023 में गांव में नवधा रामायण का आयोजन हुआ था। उस समय आर्थिक तंगी के कारण वह आयोजन के लिए चंदा नहीं दे सके। उनका आरोप है कि इसके बाद गांव में बैठक कर उनके सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
पीड़ित के अनुसार, ग्रामीणों ने उनसे सभी प्रकार के सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए। इतना ही नहीं, गांव में यह भी कथित रूप से तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनसे बातचीत करेगा या किसी प्रकार का सामाजिक व्यवहार करेगा, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
संतोष साहू ने बताया कि वह निसंतान हैं और अपनी बीमार पत्नी के साथ रहते हैं। सामाजिक बहिष्कार के कारण उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि गांव के माहौल के चलते वह खेती-किसानी और मजदूरी जैसे कार्य भी सामान्य रूप से नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से उन्होंने कलेक्टर और एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



