रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां, कोडीन सिरप, इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी सहित करीब 10.70 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
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इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और लगभग 16.15 लाख रुपये का मादक पदार्थ व अन्य सामान बरामद किया जा चुका है।
पहले पकड़े गए तस्कर से खुली नेटवर्क की परतें
पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को गंज थाना क्षेत्र स्थित राजपूताना होटल के सामने कार्रवाई करते हुए अभिषेक कुमार (19), निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश) को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से गांजा और मोबाइल फोन सहित करीब 5.45 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया था।

पूछताछ के दौरान अभिषेक ने खुलासा किया कि वह उड़ीसा से गांजा लेकर मेरठ जा रहा था। उसने उन लोगों की भी जानकारी दी, जो इस नेटवर्क में सप्लायर और सहयोगी के रूप में जुड़े हुए थे। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरे बैकवर्ड लिंक की जांच शुरू की।
ट्रैप लगाकर चार आरोपी दबोचे
तकनीकी और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपी रायपुर आने वाले हैं। इसके बाद संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर किशोर साहू, अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ और प्रिंस प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 बोतल कोडीन सिरप, 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और 3,100 रुपये नकद बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 10.70 लाख रुपये आंकी गई है।
मुख्य आरोपी पहले भी NDPS मामले में दोषी
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी किशोर साहू उड़ीसा का निवासी है और उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के एक मामले में उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल वह उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर था और इसी दौरान दोबारा नशे के कारोबार में सक्रिय पाया गया।
पूरे नेटवर्क की होगी एंड-टू-एंड जांच
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाइयां और मादक पदार्थ किन राज्यों से लाए जा रहे थे तथा किन क्षेत्रों में उनकी सप्लाई की जा रही थी।
आरोपियों के खिलाफ गंज थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत दर्ज मामले में अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े सप्लायर, रिसीवर और अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।



