रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को आज से महंगाई का एक और झटका लगा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित नई बिजली दरें आज से लागू हो गई हैं। नई दरों के तहत घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।
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नई टैरिफ व्यवस्था के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। पिछले वर्ष यह बढ़ोतरी केवल 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट थी। वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
बिजली बिल के नियमों में भी बदलाव
नई टैरिफ व्यवस्था के तहत अग्रिम बिजली बिल भुगतान पर मिलने वाली छूट भी कम कर दी गई है। पहले उपभोक्ताओं को 1.25 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
वहीं, विलंब से बिल जमा करने पर लगने वाले सरचार्ज के नियम भी बदले गए हैं। अब निर्धारित समय सीमा के बाद बिल जमा करने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की बजाय 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से सरचार्ज लगाया जाएगा।
इसके अलावा एलवी-1 और एलवी-2 श्रेणी के अस्थायी बिजली कनेक्शनों पर लागू सामान्य टैरिफ में भी बढ़ोतरी की गई है।
बकाया बिल वालों को राहत
हालांकि बढ़ी हुई बिजली दरों के बीच राज्य सरकार ने बकायादार उपभोक्ताओं को राहत देने का ऐलान भी किया है। कबीर जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की थी कि जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, उन्हें भुगतान के लिए तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी।
इस अवधि के दौरान बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। इतना ही नहीं, निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी।



