नारायणपुर। जिले के खड़का गांव में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। भरण्डा गांव के बाद अब खड़का में आदिवासी समुदाय और ईसाई धर्म अपनाने वाले परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। विवाद बढ़ने के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
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जानकारी के अनुसार, गांव के दो धर्मांतरित परिवारों पर ग्रामीणों ने गांव छोड़ने का दबाव बनाया। आरोप है कि उनके घरों से घरेलू सामान बाहर निकाल दिया गया, जिससे गांव में तनाव फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रहने वाले सभी परिवारों को सामाजिक और पारंपरिक आयोजनों में समान रूप से भाग लेना चाहिए। उनका कहना है कि धर्मांतरण कर चुके परिवार भी गांव के देवी-देवताओं, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामुदायिक कार्यक्रमों में अन्य ग्रामीणों की तरह सहयोग करें तथा चंदा दें।
वहीं, प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे गांव के सामाजिक आयोजनों के लिए वर्ष में एक बार चंदा देने को तैयार हैं, लेकिन अपने धार्मिक विश्वास के कारण आदिवासी धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति का पालन नहीं कर सकते। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद गहरा गया।
स्थिति को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में नारायणपुर के भरण्डा गांव में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां ग्रामीणों ने 26 धर्मांतरित परिवारों से गांव छोड़ने या फिर पारंपरिक आदिवासी संस्कृति में लौटने की बात कही थी। उस घटना के बाद भी प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
फिलहाल खड़का गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।



