बिलासपुर। गृहमंत्री विजय शर्मा से विभिन्न राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर नौगई में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या के मामले की (CBI) से जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज और श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी शामिल थे।
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प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस मामले के कुछ आरोपियों के स्थानीय विधायक से करीबी संबंध हैं, जिससे निष्पक्ष जांच को लेकर आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
प्रतिनिधियों ने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान कन्नौजिया क्षत्रिय समाज के प्रदेशाध्यक्ष आनंद बल्लभ सिंह, श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह परिहार, शिवप्रताप सिंह, राणाप्रताप सिंह, हरिकपूर सिंह, आशीष सिंह, उमाकांत सिंह, प्रफुल्ल सिंह और श्रीनिवास सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
16 जून की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात
गौरतलब है कि 16 जून की देर रात नौगई गांव में रेत खनन को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को कथित तौर पर घेरकर उनकी फॉर्च्यूनर कार में आग लगा दी गई। उस समय कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे।
आग में झुलसने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाहर निकलने की कोशिश कर रहे अन्य लोगों पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह और विरेंद्र सिंह की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना में अन्य लोग भी घायल हुए।
पुलिस ने मामले में हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



