रायपुर, 28 जून। Private School RTE Fees : आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने चार साल से लंबित ₹339.73 करोड़ की राशि जारी कर दी है। यह राशि निजी स्कूलों की फीस भुगतान के लिए दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, पहली बार आरटीई के लिए एक साथ इतनी बड़ी राशि केंद्र सरकार से मिली है।
चार साल से लंबित था भुगतान
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में कक्षा-1 की 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इन बच्चों की फीस सरकार वहन करती है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है।
राज्य सरकार अपने हिस्से का भुगतान नियमित रूप से करती रही, लेकिन केंद्र सरकार से राशि मिलने में लगातार देरी हो रही थी। अब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल के बाद केंद्र ने ₹339.73 करोड़ जारी कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग को मिल चुकी है राशि
समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने बताया कि केंद्र से प्राप्त पूरी राशि शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आरटीई के लिए पहली बार इतनी बड़ी राशि एक साथ मिली है। साथ ही पीएबी (PAB) के तहत भी कई शिक्षा योजनाओं को मंजूरी मिली है।
RTE Admission 2026-27: दूसरा चरण जारी
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
- केवल कक्षा-1 में प्रवेश दिए जा रहे हैं।
- राज्यभर के निजी स्कूलों में 21,975 सीटें आरक्षित हैं।
- पहले चरण में 13,383 बच्चों को प्रवेश मिला।
- शेष सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।
- 369 निजी स्कूलों में पहले चरण में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।



