जांजगीर-चांपा। जिले में एक शिक्षक और शिक्षिका का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा और विवाद का माहौल बन गया है। वीडियो को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों, स्थान या दावों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। इसी कारण वीडियो को साझा नहीं किया जा रहा है और न ही उसके संबंध में किसी दावे की पुष्टि की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस वीडियो को नवागढ़ विकासखंड के एक विद्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के बीच इस विषय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र होता है और शिक्षक समाज में आदर्श की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि वायरल वीडियो से जुड़े आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केवल सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। पहले वीडियो की सत्यता, उससे जुड़े तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच में जुटा हुआ है। वहीं क्षेत्र के लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अटकलों या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
इस मामले में वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



