US-Iran Peace Deal : करीब साढ़े तीन महीने तक चले तनाव और सैन्य टकराव के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम शांति (US-Iran Peace Deal) समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। Donald Trump और Masoud Pezeshkian ने बुधवार (17 जून) को एमओयू (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए, जिसके बाद यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने Palace of Versailles में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ डिनर के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक हस्ताक्षर किए। इसके बाद एग्रीमेंट की कॉपी ईरान और मध्यस्थ देशों को भेज दी गई।
ईरान ने कहा- अब अमल करने की बारी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ समझौते का मसौदा अंतिम रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि अब सबसे अहम चरण इस समझौते को प्रभावी तरीके से लागू करना होगा, क्योंकि केवल दस्तावेज पर हस्ताक्षर से शांति स्थापित नहीं होती।
पहले ही हो चुके थे इलेक्ट्रॉनिक साइन
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने रविवार को एमओयू पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर किए थे। अधिकारियों के अनुसार इसके साथ लगभग चार महीने से चला आ रहा संघर्ष समाप्त हो गया है।
जिनेवा बैठक अब भी तय
समझौते पर हस्ताक्षर होने के बावजूद शुक्रवार को Geneva में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि आगे की प्रक्रिया पर चर्चा करना है। हालांकि बैठक होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अगले कुछ घंटों में लिया जाएगा।
ईरान की शर्तें भी सामने आईं
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान को बिना किसी परिवहन या बीमा प्रतिबंध के तेल बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। इसके अलावा तेल बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुंच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच बहाल करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है।
अगले 60 दिन बेहद अहम
इस समझौते के बाद ईरान ने कहा है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा। इस दौरान कोई भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन पर नकारात्मक असर पड़े। इसी अवधि में अंतिम और व्यापक समझौते की शर्तों पर आगे बातचीत की जाएगी। (US-Iran Peace Deal



