रायपुर। राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक रूप से हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज इस मामले में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत होने के बाद हत्या की धाराएं जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 की रात करीब 12:30 बजे एक युवक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की सूचना मिली थी। घायल युवक की पहचान आशीष गरुड़ के रूप में हुई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके बाएं हाथ, बाएं पैर और सिर पर गंभीर चोटें पाई गईं।
घटना की सूचना मिलने पर गंज थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि उपचार के दौरान आशीष की हालत लगातार नाजुक बनी रही और बाद में मेकाहारा अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर मामले को हत्या में परिवर्तित कर विवेचना तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान जानकारी मिली कि घटना से पहले आशीष गरुड़ को राज नायक के साथ देखा गया था। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर पुलिस ने राज नायक की गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू की।
पुलिस रिकॉर्ड में राज नायक के खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के लगभग आधा दर्जन मामले दर्ज पाए गए। वह पहले भी कई बार धारदार हथियारों के साथ पकड़ा जा चुका था। इसके चलते पुलिस का संदेह उस पर और गहरा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गंज थाना पुलिस ने एसीसीयू रायपुर, क्राइम ब्रांच, गुढ़ियारी थाना और रामनगर चौकी की संयुक्त टीम का सहयोग लिया। टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने के लिए रेलवे स्टेशन, तेलघानी नाका और आसपास के क्षेत्रों में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि प्रकाश सोना उर्फ टेरा पुलिस को गुमराह करने के लिए विरोधाभासी और भ्रामक बयान दे रहा था। वहीं फुटेज में आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी और घटना के बाद वहां से निकलने के स्पष्ट प्रमाण मिले।
मजबूत तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों से दोबारा कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में राज नायक और प्रकाश सोना उर्फ टेरा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि मृतक आशीष गरुड़ के साथ पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाली रात इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान राज नायक ने धारदार हथियार से आशीष पर कई वार किए। घटना के बाद वह प्रकाश सोना के साथ साइकिल से मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को भी जब्त कर जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और अन्य आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।



