रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों की जर्जर स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस बार विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपने क्षेत्रों की खराब सड़कों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सदन में कई विधायकों ने ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों के कारण लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया।
भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने प्रश्नकाल में लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र की पीएमजीएसवाई सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इन सड़कों की निर्धारित आयु कितनी होती है और जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत कब तक कराई जाएगी।
जवाब में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों की डिजाइन लाइफ पांच वर्ष निर्धारित होती है। इस अवधि के दौरान संबंधित ठेकेदार सड़क के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत के लिए जिम्मेदार रहता है।
मंत्री ने बताया कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में पीएमजीएसवाई के तहत 171 सड़कें बनाई गई हैं। जून 2026 तक हुए मूल्यांकन में इनमें से 31 सड़कें मरम्मत योग्य पाई गई हैं। इन सड़कों का नवीनीकरण और मरम्मत कार्य बजट की उपलब्धता तथा प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इन कार्यों को पूरा करने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।
पूरक प्रश्न में विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि उनके क्षेत्र की कई सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की।
चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया और नई सड़कें बनाने के साथ जर्जर मार्गों के नवीनीकरण की मांग की। इससे स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण सड़कों की स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में व्यापक चिंता है।
जवाब में मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव पर लगातार निगरानी रख रही है। इसके लिए एक मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक और विशेष एजेंसी की मदद से सड़कों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर प्राथमिकता तय कर मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने सदन को बताया कि वर्तमान में सड़क सुधार कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और चरणबद्ध तरीके से प्रदेशभर की खराब सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा।
चर्चा के अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ही प्रश्न पर आठ विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क संबंधी समस्याएं उठाईं, जिससे स्पष्ट है कि यह विषय पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मंत्री ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया है।



