बिलासपुर। झारखंड शराब घोटाले से जुड़े मामले में निलंबित IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई, जहां कोर्ट ने टुटेजा को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो सॉल्वेंट जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जांच एजेंसी को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यदि टुटेजा जांच में बाधा डालते हैं या सहयोग नहीं करते, तो जांच एजेंसी को उनकी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत में आवेदन करने की छूट रहेगी। साथ ही उन्हें गवाहों को प्रभावित न करने की सख्त हिदायत भी दी गई है।
हालांकि इससे पहले करीब एक सप्ताह पूर्व डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अन्य मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी, ऐसे में फिलहाल उनके जेल से बाहर आने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने टुटेजा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि झारखंड में छत्तीसगढ़ आबकारी मॉडल की तर्ज पर अवैध शराब कारोबार के लिए एक सिंडिकेट बनाया गया और नीति में बदलाव कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया।
टुटेजा ने याचिका में इसे “एवरग्रीन अरेस्ट” का मामला बताते हुए आरोप लगाया था कि एक मामले में राहत मिलने से पहले ही नए केस दर्ज कर उन्हें लगातार हिरासत में रखा जा रहा है।



