मध्य प्रदेश के बरगी बांध (नर्मदा नदी) में हुआ क्रूज हादसा अब बड़ी त्रासदी बन गया है। गुरुवार शाम आए तेज तूफान के चलते पर्यटकों से भरा क्रूज असंतुलित होकर डूब गया। शुक्रवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
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ताजा जानकारी के मुताबिक अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 6 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। अभी भी 9 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सेना की टीमें मौके पर तैनात हैं।
शुक्रवार सुबह से एनडीआरएफ और सेना की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ गहरे पानी में सर्चिंग कर रही हैं। डूबे हुए क्रूज को निकालने के लिए हाइड्रोलिक मशीनें और जेसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है। रेस्क्यू टीम ने गैस कटर से क्रूज के हिस्सों को काटकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ शव अब भी क्रूज के अंदर फंसे हो सकते हैं।
लापता लोगों में बच्चे भी शामिल
लापता लोगों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है। इनमें 5 वर्षीय तमिल, 6 वर्षीय विराज सोनी, 7 वर्षीय पूनम थापा और 9 वर्षीय मयूरम शामिल हैं। इसके अलावा 39 वर्षीय कामराज, 66 वर्षीय रेशमा सैय्यद और 34 वर्षीय ज्योति श्रीवास का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
प्रशासन और नेताओं की निगरानी
घटनास्थल पर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, सांसद आशीष दुबे और विधायक नीरज सिंह राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक इलैयाराजा टी भी मौके पर मौजूद हैं।
60 क्षमता वाला था क्रूज
बताया जा रहा है कि यह क्रूज 2006 से संचालित हो रहा था। हादसे के वक्त इसमें 2 क्रू मेंबर और 29 पर्यटक सवार थे, जबकि इसकी कुल क्षमता लगभग 60 लोगों की थी।
क्रूज की टिकट 200 से 220 रुपये के बीच थी और 5 साल तक के बच्चों के लिए टिकट नहीं लिया जाता था।
चश्मदीदों ने सुनाई भयावह कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तूफान बेहद तेज था और लहरें ऊंची उठ रही थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने जान जोखिम में डालकर 12–14 लोगों को बचाया। बचाव कार्य में लगे मजदूरों ने रस्सियों और ट्यूब की मदद से कई लोगों को पानी से बाहर निकाला।
खुशियां मातम में बदलीं
हादसे में जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) के कर्मचारी कामराज आर्य का परिवार भी प्रभावित हुआ है। वे अपने 22 परिजनों के साथ पिकनिक मनाने आए थे। हादसे के समय उनके बुजुर्ग माता-पिता किनारे पर थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य क्रूज पर सवार थे।
फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और सभी की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।



