गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले 15 वर्षों बड़े पैमाने पर अवैध जंगल कटाई का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ISRO की सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वे में खुलासा हुआ है कि इस दौरान यहां लगभग 1 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं।
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वन विभाग की जांच में सामने आया कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में करीब 265 एकड़ (106 हेक्टेयर) वन भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमणकारियों ने ‘गर्डलिंग’ तकनीक का इस्तेमाल कर पेड़ों को सूखाकर जमीन पर कब्जा किया।
ड्रोन सर्वे और ISRO की कार्टोसैट इमेजरी (2006-2022) के विश्लेषण से पता चला कि जहां पहले एक हेक्टेयर में करीब 1000 पेड़ थे, वहीं अब केवल 25 से 50 पेड़ ही बचे हैं।
वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घुरवाड़ क्षेत्र में भी 22 लोगों को जंगल भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करते गिरफ्तार किया गया।
डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने बताया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों से मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विभाग डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर रहा है और आरोपियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत 7 वर्ष तक की सजा और लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 850 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है और 600 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खाली कराई गई जमीन पर अब भू-जल संरक्षण और वृक्षारोपण किया जाएगा।



