दुर्ग। भिलाई से विधायक देवेंद्र यादव से जुड़े बहुचर्चित एमएमएस वायरल मामले में एक बार फिर जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। पुलिस नोटिस के बाद आज विधायक भिलाई नगर कोतवाली थाना पहुंचकर अपने फोटो और वीडियो का सैंपल सौंपा।
करीब ढाई साल पुराने इस मामले को लेकर विधायक यादव ने नाराजगी जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में वे खुद प्रार्थी हैं, बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई “नोटिस-नोटिस” तक सीमित रही है और यह सब शासन-प्रशासन के दबाव में हो रहा है।
यादव ने बताया कि उन्हें 6 अप्रैल को नोटिस जारी कर उसी दिन सुबह 11 बजे थाने में उपस्थित होने को कहा गया था, जबकि नोटिस उन्हें डाक के जरिए दोपहर 1 बजे प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बताया।
विधायक ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान वायरल किए गए कथित एमएमएस के जरिए उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि इतने समय बाद भी पुलिस जांच पूरी नहीं कर पाई, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था और मांग की थी कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। उनका तर्क है कि जब अन्य मामलों में केंद्रीय एजेंसी से जांच संभव है, तो उनके मामले में भी निष्पक्ष जांच के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।



