अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। Donald Trump ने ऐलान किया कि दोनों देशों के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है। यह फैसला उस समय आया जब अमेरिका ने संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए डेडलाइन तय कर रखी थी।
सीजफायर की सबसे अहम शर्त यह है कि Strait of Hormuz को ईरान तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल देगा। यह जलमार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Israel भी इस अस्थायी युद्धविराम का हिस्सा है और बातचीत जारी रहने तक अपने हमले रोकने को तैयार हो गया है। इस समझौते के पीछे Shehbaz Sharif और Asim Munir की मध्यस्थता को अहम माना जा रहा है।
ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें प्रतिबंध हटाना, सैन्य हमले रोकना, यूरेनियम संवर्धन की अनुमति और अमेरिकी सेना की वापसी जैसी बड़ी मांगें शामिल हैं।
अमेरिका का कहना है कि उसने अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब वह स्थायी शांति समझौते के करीब है।



