रायपुर, 30 मार्च। Maoist Surrender : छत्तीसगढ़ से सटे आंध्र प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात माओवादी नेता चेल्लुरु नारायण राव उर्फ सोमन्ना ने विजयवाड़ा में आत्मसमर्पण कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सोमन्ना माओवादी संगठन का स्टेट कमेटी सदस्य था और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्रीय समिति में अहम भूमिका निभा रहा था। वह केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रह चुका है, जिससे संगठन में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
बताया जा रहा है कि शीर्ष माओवादी नेताओं Gajarla Ravi और Aruna की मौत के बाद इस इलाके में संगठन की कमान काफी हद तक सोमन्ना के हाथों में आ गई थी। ऐसे में उसका आत्मसमर्पण नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस समय सीमा से ठीक पहले एक शीर्ष माओवादी नेता का सरेंडर सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस सरेंडर से नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी और अन्य माओवादी कैडरों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी।



