रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने करोड़ों रुपये के इस घोटाले की एक अहम कड़ी माने जा रहे छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी कारोबारी नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे केडिया की गिरफ्तारी को ACB की बड़ी ब्रेकथ्रू कार्रवाई माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नवीन केडिया काफी समय से जांच एजेंसी की रडार पर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। ACB अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाकर कोर्ट में पेश करेगी और कस्टोडियल रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में शराब घोटाले के पीछे सक्रिय पूरे सिंडिकेट, पैसों की कथित हेराफेरी और राजनीतिक–प्रशासनिक गठजोड़ से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, केडिया ने शुरू से ही ACB की जांच में सहयोग नहीं किया। उसने एजेंसी द्वारा भेजे गए समन की बार-बार अनदेखी की और जानबूझकर पेश नहीं हुआ। इससे उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। शराब घोटाले में आरोपी बनाए जाने के बाद केडिया ने ACB कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुए साफ कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है।
कोर्ट से राहत न मिलने के बाद नवीन केडिया भूमिगत हो गया और अलग-अलग राज्यों में छिपते हुए फरारी काटता रहा। ACB के रिकॉर्ड में वह लंबे समय से ‘फरार आरोपी’ के रूप में दर्ज था। अब उसकी गिरफ्तारी को जांच एजेंसी इस बहुचर्चित घोटाले की कड़ियां जोड़ने वाली एक निर्णायक सफलता मान रही है।
माना जा रहा है कि नवीन केडिया की गिरफ्तारी के बाद झारखंड शराब घोटाले में शामिल अन्य बड़े नामों पर भी जल्द शिकंजा कस सकता है और सत्ता–सिस्टम की सांठगांठ से जुड़े कई राज उजागर हो सकते हैं।



