कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में गांजा तस्करों और पुलिस के बीच देर रात ऐसा पीछा चला, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। केशकाल से कांकेर तक करीब 30 किलोमीटर तक पुलिस तस्करों के पीछे दौड़ती रही।
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इसी दौरान तस्करों ने केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कार से कुचलने की कोशिश की। कार उनके पैर को रगड़ते हुए निकल गई, जिससे उनके अंगूठे में गंभीर चोट आई। हालांकि तस्कर मौके से फरार हो गए, लेकिन पीछे छोड़ गए 400 किलो से ज्यादा गांजा, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

थाना प्रभारी को कार से कुचलने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा की ओर से गांजा लेकर आ रही एक फॉर्च्यूनर कार के साथ पायलट वाहन के रूप में टाटा वैक्सीन भी चल रही थी। पुलिस ने वाहनों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान एक नेक्सॉन कार के चालक ने कथित तौर पर थाना प्रभारी रितेश मिश्रा पर गाड़ी चढ़ा दी।
कार उनके पैर को रगड़ते हुए तेजी से निकल गई। हादसे में थाना प्रभारी के अंगूठे में गंभीर चोट आई। घटना के बाद पुलिस ने तस्करों का पीछा शुरू कर दिया।
गाड़ी छोड़कर कचरे के ढेर में फेंक गए गांजे की बोरियां
पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने सिंगारभाट में राइस मिल के पास गड़िया पहाड़ के नीचे कचरे के ढेर का सहारा लिया। बताया जा रहा है कि तस्करों ने गांजे से भरी बोरियां वहां फेंक दीं और दोनों वाहन अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
घटना के बाद केशकाल पुलिस ने वापस लौट रही एक संदिग्ध गाड़ी को भी रोककर तलाशी ली, लेकिन वाहन से कुछ संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों ने दी सूचना, कचरे से निकला करोड़ों का गांजा
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने कचरे के ढेर में लावारिस पड़ी बोरियों की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची कांकेर पुलिस ने बोरियों की तलाशी ली तो उनमें गांजा भरा मिला।
जांच में 400 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने इसे तस्करी के बड़े नेटवर्क से जोड़कर जांच शुरू कर दी है।
एक दिन पहले भी 407 किलो गांजा पकड़ा था
इस कार्रवाई को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले केशकाल पुलिस ने 407 किलो गांजा जब्त किया था। लगातार दो दिनों में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने से ओडिशा से कांकेर के रास्ते गांजा तस्करी के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस को आशंका है कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चलने के कारण तस्कर पुराने केशकाल-कांकेर मार्गों को वैकल्पिक रूट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
आरोपियों की तलाश में कई टीमें रवाना
कांकेर एसपी निखिल राखेचा के मुताबिक, तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों और आरोपियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार तस्करों तक पहुंचने के साथ-साथ यह पता लगाना है कि 400 किलो से ज्यादा गांजा आखिर कहां से आया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।




