दुर्ग। दुर्ग नगर निगम में महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के गायब होने का मामला सामने आया है। नगर निगम की स्थापना शाखा से फाइलें गायब होने की जानकारी मिलने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि निगम कार्यालय के भीतर रखी महत्वपूर्ण फाइलें आखिर कैसे गायब हो गईं और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
स्थापना शाखा से फाइलें गायब, जांच की जरूरत
नगर निगम की स्थापना शाखा में महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फाइलों के नहीं मिलने का मामला सामने आने के बाद कार्यालयीन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी कार्यालय में दस्तावेजों का सुरक्षित रखरखाव और उनकी नियमित निगरानी प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में फाइलों का गायब होना गंभीर मामला माना जा रहा है।
अब यह पता लगाना जरूरी है कि फाइलें गलती से कहीं दूसरी जगह रख दी गई हैं या उन्हें जानबूझकर कार्यालय से हटाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV कैमरों की निगरानी पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद नगर निगम परिसर में लगे CCTV कैमरों की व्यवस्था भी चर्चा में है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों में पर्याप्त कैमरे लगे हैं? क्या कैमरे लगातार काम कर रहे थे और क्या उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है?
यदि संबंधित अवधि का CCTV फुटेज उपलब्ध है, तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि फाइलें किस समय और किन परिस्थितियों में गायब हुईं। जांच में कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ कार्यालय में आने-जाने वाले लोगों और संबंधित शाखा के रिकॉर्ड की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
निगम कमिश्नर से नहीं मिल सका पक्ष, महापौर ने दी प्रतिक्रिया
मामले को लेकर नगर निगम कमिश्नर से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सकीं। वहीं, दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अब निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। महत्वपूर्ण फाइलें किन परिस्थितियों में गायब हुईं, इसके पीछे लापरवाही है या कोई अन्य वजह, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।




