रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बुधवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश, तेज हवाओं और आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ के साथ मध्य और उत्तरी हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। गरियाबंद और कोंडागांव के लिए अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है, जबकि कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहा। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए रायपुर में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रायपुर में बारिश से गिरा पारा, अक्टूबर में बढ़ी ठंडक
बुधवार, 28 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। ठंडी हवाओं के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस बदलाव से लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ठंड महसूस हुई।
मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम रहा। माना में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था।
वहीं, बिलासपुर में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और पेंड्रा में 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बस्तर संभाग के जगदलपुर में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री कम बताया गया। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई इलाकों में मौसम का असर साफ नजर आया।
आज किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, मुंगेली, कबीरधाम और बेमेतरा समेत अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है।
गरियाबंद और कोंडागांव में रेड अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी
29 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध मौसम चेतावनी के अनुसार, गरियाबंद और कोंडागांव में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट प्रभावी था। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
वहीं, रायपुर, बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर और सुकमा सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज चेतावनी जारी की गई थी।
रेड अलर्ट अत्यधिक गंभीर मौसम की आशंका को दर्शाता है, जबकि ऑरेंज अलर्ट के दौरान भी सतर्कता और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी होता है। मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ चेतावनी का स्तर भी बदल सकता है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन और जिला प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
कमजोर पड़ रहा चक्रवात, फिर भी क्यों हो रही बारिश?
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के आंध्र प्रदेश तट से आगे बढ़ने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की जानकारी दी गई है। हालांकि, चक्रवात कमजोर होने के बावजूद उससे जुड़ी मौसम प्रणालियों के कारण बारिश तुरंत समाप्त होना जरूरी नहीं है।
वातावरण में मौजूद नमी और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसी वजह से दक्षिण छत्तीसगढ़ के बाद मध्य और उत्तरी हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम प्रणाली की दिशा, उसकी तीव्रता और वातावरण में नमी के आधार पर बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में कम या ज्यादा हो सकता है।
रायपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन अलर्ट पर
भारी बारिश और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए रायपुर में गुरुवार, 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, नगरीय निकाय और बिजली विभाग को आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों, निचले इलाकों, कमजोर संरचनाओं और बिजली लाइनों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
रायपुर जिला प्रशासन की ओर से सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0771-2413233 जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई है। आपात स्थिति में सहायता लेने से पहले नंबर और उसकी सक्रियता की पुष्टि जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से कर लें।
शुक्रवार से बारिश में कमी के आसार, बढ़ सकता है तापमान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर से रायपुर में बारिश की तीव्रता कम होने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। राजधानी में शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हालांकि, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के कुछ जिलों में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम प्रणाली में बदलाव होने पर पूर्वानुमान भी बदल सकता है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए:
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहें।
- जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों को पार करने का जोखिम न लें।
- यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और रेल यातायात की स्थिति की जानकारी लें।
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
छत्तीसगढ़ में मौसम के बदले मिजाज के बीच अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही गतिविधियां करनी चाहिए।




