दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के करीब नौ साल पुराने मामले में दंतेवाड़ा की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह भी पढ़े :- केंद्रीय विद्यालय की शिक्षिका के क्वार्टर में लाखों की चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार; 16.50 लाख का माल बरामद
यह मामला वर्ष 2017 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई के बाद सामने आया था। तत्कालीन डीईओ के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियों ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापे में मिली थी लाखों की नकदी
जांच के दौरान एजेंसी को जगदलपुर स्थित सुभाष गंजीर के बड़े भाई के आवास से 8 लाख 71 हजार रुपये नकद मिले थे। इसके अलावा तलाशी के दौरान सोने के आभूषण और जमीन-जायदाद से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए थे।
जांच एजेंसी को तीन मकानों समेत विभिन्न संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इन दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों ने सुभाष गंजीर की घोषित और वैध आय की तुलना उनकी संपत्तियों से शुरू की। जांच में आय और संपत्ति के बीच कथित असमानता सामने आने के बाद मामला आगे बढ़ाया गया।
2017 की कार्रवाई के बाद दर्ज हुआ था केस
शिकायत के आधार पर ACB और EOW ने वर्ष 2017 में कार्रवाई शुरू की थी। जांच के दौरान सुभाष गंजीर को गिरफ्तार भी किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और वर्ष 2018 में मामला न्यायालय में पहुंचा।
इसके बाद करीब नौ वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष की ओर से दस्तावेज, गवाह और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए गए। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अभियोजन के पक्ष को विश्वसनीय माना।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार दिया।
फैसले के तहत उन्हें चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बस्तर में लंबे समय से चर्चा में था मामला
वर्ष 2017 में हुई छापेमारी के बाद तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी से जुड़ा यह मामला बस्तर क्षेत्र में काफी चर्चित रहा था। छापेमारी में नकदी, सोने के आभूषण और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया था।
अब विशेष अदालत के फैसले के बाद इस पुराने भ्रष्टाचार प्रकरण में तत्कालीन डीईओ सुभाष गंजीर को सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने मामले में पैरवी की।




