बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर में हुए पथराव और हिंसा के मामले में दोनों पक्षों के 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद समेत अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बलवा समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में धारा 307 और 191 भी शामिल की गई हैं।
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पुलिस अब घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान के लिए ड्रोन और CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने शहर की स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है। एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
दरअसल, बीती देर रात शहर में मामूली विवाद ने देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया था। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति की निगरानी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद पूरे संवेदनशील इलाके में पुलिस की तैनाती कर दी गई।
हिंसा के दौरान दोनों पक्षों के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ पुलिसकर्मी भी पथराव की चपेट में आकर घायल हुए हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
विधायक सुशांत शुक्ला बोले- विवाद को दिया गया धार्मिक रंग
बिलासपुर घटना को लेकर विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ मौके पर मौजूद थे और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि दो असामाजिक तत्वों के बीच हुई झड़प को धार्मिक एंगल देकर बिलासपुर शहर की शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दें, ताकि विवाद को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो सकता है और इसी वजह से वे शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस के सामने नहीं आए।
उन्होंने कहा कि शहर में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और जो लोग वास्तव में शांति चाहते हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और CCTV व ड्रोन फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।




