जांजगीर-चांपा। मैट्रिमोनियल साइट और फोन के जरिए शादी का रिश्ता तय कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी ब्लूटूथ और विशेष वॉयस चेंजिंग हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज में बात कर युवकों को अपने जाल में फंसाते थे। जांजगीर-चांपा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामले में मामा-भांजे को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू (26) और उसके भांजे सोनू साहू (20) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, वॉयस चेंजिंग हेडफोन, व्हाट्सऐप चैट से संबंधित दस्तावेज और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के फ्लेक्सी-पंपलेट बरामद किए गए हैं।
इमरजेंसी का झांसा देकर खाते में मंगाए रुपये
मामले का खुलासा शिकायतकर्ता अजय राठौर की साइबर थाने में दर्ज शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार 8 अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति अजय के पास पहुंचा और इमरजेंसी का हवाला देते हुए इलाज के लिए तत्काल नकद रुपये की जरूरत बताई। आरोपी ने अजय के बैंक खाते में 2 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बदले में उनसे नकद राशि ले ली।
इसके तीन-चार दिन बाद अजय का बैंक खाता होल्ड हो गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सोनू साहू की यूपीआई आईडी से ट्रांसफर की गई रकम साइबर ठगी से जुड़ी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
लड़की की आवाज में करते थे बात
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे वर्ष 2025 से इस तरह की ठगी में सक्रिय थे। आरोपी ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के नाम से प्रचार-प्रसार करते थे। शादी के लिए कोई व्यक्ति संपर्क करता तो आरोपी विशेष हेडफोन और वॉयस चेंजिंग तकनीक का इस्तेमाल कर लड़की की आवाज में उससे बातचीत करते थे।
बातचीत के जरिए विश्वास जीतने के बाद आरोपियों द्वारा पंजीयन, रिश्ता पक्का करने और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में मंगाई जाती थी। रकम मिलते ही आरोपी मोबाइल बंद कर संपर्क से बाहर हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।




