रायपुर। झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कथित चुप्पी पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल हवा चलने, बारिश होने और धूप निकलने तक की जांच की मांग कर सकते हैं, लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर बोलने से बच रहे हैं।
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चंद्राकर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर भूपेश बघेल जूता चोरी होने के डर से झारखंड नहीं जा रहे हैं, तो भाजपा उन्हें नया जूता दे देगी।
‘राष्ट्र विरोधी गतिविधियां नक्सली मानसिकता’
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए बयान का जिक्र करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन वैचारिक नक्सलवाद अभी भी मौजूद है।
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम के गायन को कथित तौर पर रोके जाने के विवाद पर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्र, देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ी चीजों का विरोध करना नक्सली मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को देश और व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और वे अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
वंदे मातरम विवाद पर जांच की मांग
चंद्राकर ने कहा कि वंदे मातरम देश की अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इसका अपमान किया गया।
कांग्रेस की ओर से यह सफाई दिए जाने कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाई जा रही थी, पर चंद्राकर ने कहा कि यदि वंदे मातरम का पूरा गायन हुआ था तो उसका वीडियो देश की जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस पर FIR का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के कथित वीडियो को लेकर धमतरी में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। चंद्राकर के मुताबिक, भाजपा पदाधिकारियों ने मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय पर्व का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और इसके लिए जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।
‘पुराना वीडियो 15 अगस्त से जोड़ा गया’
अजय चंद्राकर ने दावा किया कि वायरल वीडियो कुरुद के प्रशिक्षण शिविर का पुराना वीडियो है, जिसे 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़कर प्रचारित किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष धमतरी में शासन की ओर से उन्हें ध्वजारोहण के लिए अतिथि बनाया गया था और वहां निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि वीडियो की वास्तविकता प्रशासन से सत्यापित की जा सकती थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बिना पुष्टि किए इसे देशभर में प्रसारित किया। चंद्राकर ने कांग्रेस नेताओं से इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की।




