संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म हो सकता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह इस पर जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को सदन में हंगामा नहीं करना चाहिए।
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सोमवार (10 अगस्त) को बयान देते हुए उन्होंने कहा, “गृह मंत्री का जवाब सुनने के लिए विपक्ष को सदन में शांति बनाए रखने का विश्वास दिलाना होगा। अगर विपक्ष चर्चा करना चाहता है, तो सही तरीके से चर्चा में शामिल हो। हम पुलिस कार्रवाई से लेकर छात्र आंदोलन से जुड़े हर विषय पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं।”
विपक्ष का क्या है स्टैंड?
वहीं, विपक्षी सूत्रों का कहना है कि अगर गृह मंत्री छात्रों के मुद्दे पर बयान देने को तैयार हैं, तो अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर क्यों नहीं? विपक्ष का रुख है कि जब तक दोनों विषयों पर गृह मंत्री का आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक गतिरोध समाप्त नहीं होगा।
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि गतिरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में अपना वक्तव्य नहीं देते।
क्या है विपक्ष की मुख्य मांग?
उल्लेखनीय है कि संसद के मानसून सत्र में पिछले तीन हफ्तों से लगातार हंगामा जारी है। आज 16वें दिन भी सदन में प्रश्नकाल नहीं चल सका। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी दलों के सांसद अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शोर-शराबा करने लगे।
संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसद परिसर में विभिन्न तरीकों से विरोध जताते रहे हैं। इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी के सांसद पानी और दूध की बोतलें लेकर संसद पहुंचे और प्रदर्शन किया।
विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम (FCRA) से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। बता दें कि यह मानसून सत्र का आखिरी हफ्ता है।
गतिरोध समाप्त करने के प्रयास में सरकार
संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार लगातार विपक्ष से संवाद कर रही है। पिछले सप्ताह भी सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर सर्वसम्मति बनाने के लिए विपक्ष और अपने सहयोगी दलों से संपर्क साधा था, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गतिरोध खत्म करने के प्रयास में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से दो बार व्यक्तिगत मुलाकात की है और उनसे फोन पर भी चर्चा की है।



