रायपुर। राजधानी रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, बैनर और फ्लैक्स लगाने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। रायपुर नगर निगम ने शहर के सभी 10 जोनों में पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित स्थान तय कर दिए हैं। अब इन तय स्थानों के अलावा किसी भी सार्वजनिक जगह पर पोस्टर या फ्लैक्स लगाने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
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नगर निगम ने आउटडोर एडवरटाइजमेंट पॉलिसी-2024 के तहत अनधिकृत विज्ञापनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके लिए ई-चालान प्रणाली लागू की जाएगी। निगम ने दुकानदारों, राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विज्ञापन एजेंसियों को एक सप्ताह के भीतर नियमों का पालन करने या आवश्यक अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब दुकानों के बाहर केवल प्रतिष्ठान और संचालक का नाम प्रदर्शित किया जा सकेगा। यदि कोई व्यापारी किसी कंपनी, ब्रांड, ऑफर, डिस्काउंट, एलईडी डिस्प्ले या अन्य प्रचार सामग्री लगाना चाहता है, तो इसके लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति दुकानों पर कंपनी की ब्रांडिंग, सेल या डिस्काउंट बोर्ड, एलईडी स्क्रीन अथवा अन्य प्रचार सामग्री लगाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर ₹50 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, अनधिकृत होर्डिंग लगाने पर न्यूनतम ₹1 लाख, बल्क विज्ञापन पर ₹10 हजार प्रति आयोजन और बिना अनुमति हवाई विज्ञापन करने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
पोस्टर और फ्लैक्स लगाने के लिए प्रत्येक जोन में अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें दम्मानी पेट्रोल पंप, गुढ़ियारी पड़ाव, बूढ़ातालाब का पुराना धरना स्थल, गोल चौक, लाखेनगर, चंगोराभाठा, आईएसबीटी, कबीर चौक फ्लाईओवर, मढ़िया तालाब, जोरा, फुंडहर पानी टंकी और अमलीडीह गौठान सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
नगर निगम के अनुसार, नई नीति का उद्देश्य शहर में अनधिकृत विज्ञापनों पर रोक लगाना, सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना और विज्ञापन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना है। अब तक निगम का विज्ञापन राजस्व मुख्य रूप से होर्डिंग और यूनीपोल से आता था, लेकिन नई नीति के तहत दुकानों की कमर्शियल ब्रांडिंग और अन्य आउटडोर प्रचार सामग्री को भी अनुमति प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम को विज्ञापन शुल्क से ₹20.05 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।
नगर निगम की राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने कहा कि नए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए विज्ञापन एजेंसियों, प्रिंटिंग संस्थानों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही दिशा-सूचक बोर्डों की भी जांच की जा रही है, ताकि शहर में सभी प्रकार के विज्ञापन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही लगाए जाएं।



