रायपुर। नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। एण्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (ANTF) और थाना खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने ‘बैकवर्ड लिंक’ (तस्करी के मुख्य स्रोत) की गहनता से जांच करते हुए एक अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने ओडिशा से रायपुर बसों के माध्यम से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट सप्लाय करने वाले मुख्य आरोपी बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
चंडी नगर से पकड़ाए थे दो आरोपी, 459 गोलियां ज़ब्त
मामले की शुरुआत 20 जुलाई 2026 को हुई, जब पुलिस टीम ने खम्हारडीह क्षेत्र के चंडी नगर स्थित गदवयाही मंदिर के पास दबिश देकर दो स्थानीय तस्करों सुनील बघेल (26 वर्ष) और सचिन महानंद (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 459 नग नाइटोसन-10 (Nitrosun-10) प्रतिबंधित नशीली टेबलेट और बिक्री की नगदी रकम जब्त की गई थी, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1,83,800 बताई गई है।
दोनों के खिलाफ थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 247/2026, धारा 21(बी) और 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
कमीशन पर बस चालक करता था सप्लाय
गिरफ्तार आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें यह प्रतिबंधित नशीली गोलियां ओडिशा से रायपुर के बीच चलने वाली बस के चालक संजय नाग द्वारा कमीशन के आधार पर उपलब्ध कराई जाती थीं।
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) दीपमाला कश्यप के संयुक्त मार्गदर्शन में टीम ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी बस चालक को संबलपुर (ओडिशा) से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने बसों के जरिए नशीली गोलियों की सप्लाय करने की बात स्वीकार कर ली है।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी
संजय नाग (पिता: गंगाधर नाग, उम्र: 46 वर्ष), निवासी- खेतराजपुर, तालभाठापारा, जिला संबलपुर (ओडिशा)।
End-to-End कार्रवाई जारी, ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी
मामले में अब तक कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रायपुर पुलिस के अनुसार, इस अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायरों, ट्रांसपोर्टरों और रिसीवरों की पहचान की जा रही है तथा नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ‘End-to-End’ कार्रवाई जारी है।
रायपुर पुलिस की अपील
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सभी बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, पार्सल या अवैध सामग्री की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित बस संचालक व चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



