रायपुर – राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को हाईकोर्ट का वकील बताकर घूम रहे एक युवक की पोल खुल गई। बार काउंसिल और अधिवक्ताओं की जांच में युवक फर्जी निकला, जिसके बाद उसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक करीब 20 वर्षीय मनीष कुर्रे काला कोट पहनकर रायपुर जिला न्यायालय परिसर में घूम रहा था और लोगों के बीच खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बता रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर अधिवक्ताओं को शक हुआ, जिसके बाद उससे दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी मांगी गई।
खनन पट्टा दिलाने के नाम पर लेने आया था 10 हजार रुपए
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक पक्षकार से खनन पट्टा दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपए लेने रायपुर पहुंचा था। इसी दौरान उसकी योग्यता और पहचान पर सवाल खड़े हुए।
पूछताछ में युवक ने खुद को बीए, एलएलबी, बीकॉम और एलएलएम डिग्रीधारी बताया, लेकिन जब उससे संबंधित प्रमाण पत्र और बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन मांगा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
बार काउंसिल की जांच में खुली पूरी पोल
बार काउंसिल की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आरोपी के दावों में कई विसंगतियां मिलीं। दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर अधिवक्ताओं ने तुरंत मामले की जानकारी रायपुर अधिवक्ता संघ को दी। इसके बाद अधिवक्ता संघ ने सिविल लाइन थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी।
ठगी के बड़े गिरोह की आशंका
अधिवक्ता संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी अकेला नहीं है। उसके साथ 5 से 6 अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना है, जो इसी तरह लोगों को झांसा देकर ठगी का नेटवर्क चला रहे हो सकते हैं।
मोबाइल और दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, दस्तावेज और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
कितने लोगों को बनाया शिकार, जांच जारी
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से खुद को वकील बताकर लोगों को ठग रहा था और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।



