जशपुर, 18 जून। Jashpur ACB Action : जिले के मनोरा विकासखंड में मनरेगा भुगतान के नाम पर रिश्वत मांगने वाले एक प्रभारी एसडीओ को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर को उसके मधुबन टोली स्थित निवास पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कपरोल के पूर्व उपसरपंच रीतूराम यादव ने एसीबी से शिकायत की थी कि वर्ष 2022-23 में उनके कार्यकाल के दौरान मनरेगा के तहत गेबियन संरचना का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान लंबे समय से लंबित था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य की जांच और भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रभारी एसडीओ ने पहले 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रकम नहीं मिलने पर करीब छह महीने तक फाइल लंबित रखी गई। बाद में मांग घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। शिकायतकर्ता ने 50 हजार रुपये देने के बाद जांच तो पूरी करा ली, लेकिन भुगतान से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं फिर रोक दी गईं।
इसके बाद अधिकारी ने भुगतान जारी करने के लिए दोबारा 30 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। बार-बार रिश्वत मांगने से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही संजय दिवाकर ने अपने निवास पर 30 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



