रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से नॉर्थ जोन पुलिस द्वारा विशेष मुसाफिर एवं सत्यापन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों, अस्थायी रूप से निवास कर रहे लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए व्यापक जांच-पड़ताल की गई।
यह भी पढ़े :- राहुल गांधी के दौरे से पहले केदार कश्यप का तंज, बोले- ‘कांग्रेसी दारू से धोएं चरण’
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। अभियान में थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह पुलिस की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान बाहरी राज्यों और जिलों से आए व्यक्तियों, घूमंतू समूहों, डेरे में रहने वाले लोगों तथा किराए पर रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। इस दौरान उनके निवास, क्षेत्र में आने के उद्देश्य और गतिविधियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने संबंधित लोगों के आधार कार्ड सहित अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच की और उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया। साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य जिलों या राज्यों में संभावित संलिप्तता के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई।
पुलिस टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों का अलग-अलग एसएस रोल तैयार कर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की है। जहां जरूरत महसूस हुई, वहां नियमानुसार चालान और अन्य कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई गई।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर नजर रखना, बाहरी आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नियमित सत्यापन अभियान से अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या संदेहास्पद परिस्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



