सुनील चौहान
दुर्ग : देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर जारी है, और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। लगातार बढ़ते तापमान ने जहां आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं बेजुबान जानवर भी इस प्रचंड गर्मी से जूझ रहे हैं। लेकिन दुर्ग जिले के भिलाई में स्थित मैत्री बाग में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट –
मई माह में तापमान करीब 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन बेजुबान जानवरों को हो रही है, जो अपनी तकलीफ खुद बयां भी नहीं कर सकते। भिलाई इस्पात संयंत्र के अधीनस्थ और भारत-रूस मैत्री के प्रतीक मैत्री बाग में जू प्रबंधन ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कई खास उपाय किए हैं।

मैत्री बाग में शेर, बंगाल टाइगर, वाइट टाइगर, भालू, हिरण समेत सैकड़ों जानवर मौजूद हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए शेरों के बाड़े में दिन में 6 से 7 बार ठंडे पानी के फव्वारे चलाए जा रहे हैं। पिंजरों के अंदर गड्ढे खोदकर छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं, जिनमें ठंडा पानी भरा जाता है और समय-समय पर बदला भी जाता है। इन तालाबों में शेर खेलते और अपनी गर्मी से राहत पाते नजर आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक टाइगर और शेर 30 से 35 डिग्री तक का तापमान सहन कर सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा तापमान होने पर वे तनाव ग्रस्त और आक्रामक हो सकते हैं।

यही वजह है कि उनके खानपान और ठंडक का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।सिर्फ शेर ही नहीं,बल्कि भालू, हिरण और अन्य वन्य प्राणियों के लिए भी आर्टिफिशियल कूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं।साथ ही ठंडे पानी की बौछार और पानी से भरपूर भोजन देकर उन्हें राहत पहुंचाई जा रही है। जू प्रबन्ध की माने तो गर्मी को देखते हुए हम जानवरों के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। ठंडे पानी के फव्वारे, कूलिंग सिस्टम और डाइट में बदलाव किया गया है ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।।



