रायपुर/नई दिल्ली। साल 2026 की शनि जयंती इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद विशेष मानी जा रही है। ज्येष्ठ अमावस्या का संयोग शनिवार के दिन पड़ने से शनैश्चरी अमावस्या का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
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इस अवसर पर ग्रहों की स्थिति भी खास रहने वाली है। सूर्य और शनि की प्रभावी स्थिति के साथ चंद्रमा का राशि परिवर्तन कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोल सकता है। खास बात यह है कि इस दिन कई शक्तिशाली राजयोग एक साथ बन रहे हैं, जो दशकों में एक बार ही देखने को मिलते हैं।
शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान रहेंगे, जिससे शश महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा। यह योग करियर में स्थिरता और बड़ी सफलता दिलाने वाला माना जाता है। वहीं गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बनेगा, जो मान-सम्मान और सुख-समृद्धि में वृद्धि का संकेत देता है। इसके अलावा सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग तथा अमला योग का निर्माण भी व्यापार और बौद्धिक कार्यों के लिए लाभकारी रहेगा।
इन राशियों पर विशेष प्रभाव:
वृषभ राशि:
धन लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा और प्रमोशन के योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि:
भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए काम पूरे होंगे। यात्राओं से लाभ और परिवार में धार्मिक माहौल रहेगा।
सिंह राशि:
आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। साझेदारी के कामों में लाभ और कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है।
कुंभ राशि:
शनि के अपनी ही राशि में होने से व्यक्तित्व में निखार आएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार की शनि जयंती कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है।



