नई दिल्ली। हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। बताया जा रहा है कि दोनों मामले गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही है।
संदीप पाठक बोले- मुझे किसी FIR की जानकारी नहीं
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी एफआईआर की जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने इस संबंध में सूचना दी है।
उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में बिताई है। भारत किसी भी पार्टी से बड़ा है। मैं कभी भी देश के साथ धोखेबाजी नहीं करूंगा और न ही किसी को ऐसा करने दूंगा।”
कार्रवाई को बताया राजनीतिक दबाव
संदीप पाठक ने आगे कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई है तो यह विरोधियों की घबराहट को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया।
दिल्ली आवास पर पहुंची पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम संदीप पाठक के सरकारी आवास पहुंची थी। तिलक मार्ग थाने के एसएचओ समेत पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर मौजूद रहे। इसी दौरान संदीप पाठक अपने आवास के पीछे के दरवाजे से निकलते दिखाई दिए।
बताया गया कि वे जल्दबाजी में वाहन से रवाना हुए और उनके हाथ में एक सूटकेस भी नजर आया।
हाल ही में BJP में हुए शामिल
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को संदीप पाठक, राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात सांसद भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी के नाम भी शामिल बताए गए थे।



